ज़िंदगी पर कविताएं

जिंदगी पर कविताएं

धुआँ- धुआँ है ज़िंदगीकश- कश में अलाव हैना दिखती कोई मंज़िल मुझेना दिखता कहीं पड़ाव हैबेचैनियाँ कम ना हुईंकमबख्त इस दिल की भीजो मिलता गया ज़िंदगी मेंवो ख़ास से हुआ ख़ाक हैरात को सोचूँ सुबह की मानिंदसुबह को शाम की आस हैजो पास रहा वो भूल गयाजो दूर हुआ वो याद हैहयात की इस लज़्जत … Read more

वसंत ऋतु पर कविता | Hindi Poems

वसंत ऋतु पर कविता

सुनो,प्रेम में लौट आना तुम भीजैसे ग्रीष्म, वर्षा, शरद, शिशिर और हेमंत को लांघ करलौट आया है वसंततुम भी पार कर लेनासमंदर, पहाड़, झरने, नदियां, दरिया और ये दूरियांसुनो लौट आनाजैसे सूख चुके दरख़्त पर बहारें लौट आईं हैंअमलतास, कचनार, कदंब, पलाश लगे हैं झूमनेजैसे खेतों में फिर से सरसों लहलहाई हैआम्र मंजरियों की नशीली … Read more

स्त्री पर कविता

स्त्री पर कविता

स्त्री पर लिखी मेरी कुछ रचनाएँ- साहसी स्त्रियां साहसी स्त्रियांबहुत आकर्षक होती हैंबहुत दूर से पहचानी जाती हैंभीड़ से अलगआज़ाद रूह की तरहस्वयं में जीतीस्वतंत्र आवाज़ की मालकिनपरतंत्रता को ठुकराअपने लिए अपने औजार गढ़तीसमाज की परिभाषा के विपरीतअपने अस्तित्व को तराशतीनिडर निर्भीक निष्पक्ष चुनाव करतीमुश्किलों से लड़ करहौसलों से आपका परिचय करातीचुनौतियों को ललकारतीअपने और … Read more

प्रेम कविताएं | Prem Kavita

प्रेम कविताएं

प्रेम हर किसी के लिए एक अलग अनुभूति है, हर किसी की कहानी भी अलग है बिल्कुल हमारे अंगूठे के निशाँ की तरह, लेकिन प्रेम में एक बात जो सभी के लिए समान है वो है किसी एक व्यक्ति के लिए ह्रदय के धरातल पर प्रेम के अंकुर का फूटना और उसकी जड़ों का सम्पूर्ण … Read more

माँ कविता | Hindi Poem Maa Mother

इस दौर मेंजहाँ प्रेम का प्रत्येक रूपसंदेह की दृष्टि से देखा जा सकेवहाँ माँ का प्रेम निसंदेह है जब बच्चों के प्रेम मेंबगैर किसी बाहरी अभिव्यक्ति केचुपचाप अंतर्मन से खुशी-खुशीबिना अन्न जल ग्रहण किएना जाने कितने उपवास कितने व्रत रखती हैअपने बच्चों के शुभ की कामना करती है माँ साक्षात एक देवी सी मालूम पड़ती … Read more

करवाचौथ प्यार कविता | Hindi Poem Karwachauth

कुछ ऐसे मैं तुमसेअपना प्यार जताऊँ मैं खुश रखूँ तुम्हें सदातुम्हारी भी उम्र बढ़ाऊँ तुम करो सोलह श्रृंगारमैं टकटकी लगाऊँतुम्हें देखूँ हैरान नज़रों सेतुम्हें नज़र लगाऊँतुम्हारी मेंहदी भरी हथेलियांअपनी साँसों से लगाऊँचाँद के जल्दी निकलने कीआस आज़ मैं भी लगाऊँतुम्हें भूखे प्यासे बैठा देखमैं भी अनमना हो जाऊँ तुम्हें पहला घूँटअपने हाथों से पिलाऊँआशीष दूं … Read more

कविता- जीवन आसान रहेगा | Hindi Poem

जितना कम सामान रहेगासफ़र उतना आसान रहेगागठरी जितनी हल्की होगीढोना उतना आसान रहेगा जितने कम हों लोग अच्छासाथ चलना आसान रहेगाजंजाल मोह के कम रहेगेंछोड़ के जाना आसान रहेगा दौलत जितनी कम हो अच्छाप्रभु सुमिरन आसान रहेगाहर पल उसका ध्यान रहेगाउसको पाना आसान रहेगा एकांतता जितनी मिले अच्छीआत्म- ज्ञान आसान रहेगाबंधन सुख दुःख के कटेंगेंसही … Read more

हिन्दी कविता – तू बे-वजह मुस्कुराया कर

तू बे-वजह मुस्कुराया करतू खुशियाँ पास बुलाया कर गम गुज़र जायेंगें बिना छुए तूझेतू हँसकर हाथ मिलाया करआसमां उतर आयेगा आगोश में तेरेथोड़ा चाहत से बाहें फैलाया करहसरतें दिल में दम तोड़ती अच्छी नहींतू खुले दिल से इन्हें जताया करतुझमें बारिशें कभी जो बरसें पुरजोरतू कागज़ की कश्ती तैराया कर अपनी उम्र पे ना जा … Read more

पुरूष कविता

समन्दर पी कर भी प्रेम काकुछ पुरूष रह जाते हैंमरुस्थलबंजर के बंजरनहीं फूटती उनमें कोंपलेंवो रह जाते हैं जीर्ण बीजदेह की असंख्य आकांक्षाएँरखती हैं उनके पौरूष कोस्त्री के प्रेम के अल्हड़पन से वंचितचुलबुलाहट से अनछुआनेत्रों के आलिंगन से अनभिज्ञकिसी सूख चुके गमले से कठोरकिसी कट चुके पेड़ से ठूंठप्रेम उगता रहता हैदूब की भांति इर्द … Read more

हिंदी ग़ज़ल औरत | Ghazal In Hindi

हिंदी ग़ज़ल औरत Ghazal In Hindi

आज़ की औरत हूँ पुरानी रिवायतों के बीच से, एक नया आगाज़ हूँ मैं,दबायी जा रही चीख़ों में, एक पुरजोर आवाज़ हूँ मैं। क्यूं सवाल है तुमको, मेरी खिलखिलाती हंसी पर,कोई क़ैद ए मुज़रिम नहीं, हसरत- ए- परवाज़ हूँ मैं। महज़ गुनगुनाहट नहीं, तेरे हुक्म- ए- तामील की,ख़ुद से ख़ुद में थिरकता, एक मुकम्मल साज़ … Read more

Parveen Shakir Shayari Nasir Kazmi Shayari